माँ की चूत में लंड डाल भी दे बेटा

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम राहुल खन्ना है और मैं दिल्ली का रहनेवाला हूँ. मेरी उम्र अभी 21 साल है. पहले मैं आप को अपने बारे में बता दूँ. मैं 5 फिट और 6 इंच लम्बा हूँ. हाईट छोटी हे लेकिन मेरा लंड बहुत बड़ा है. मेरा लंड पुरे 7 इंच का है. और अब कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप को मेरी माँ के बारे में भी बता दूँ. मेरी माँ का नाम शिल्पा है और उसकी हाईट थोड़ी कम है. लेकिन उसकी हाईट जितनी कम है उतनी ही बड़ी गांड और चौड़े बूब्स है उसके. उम्र में वो 50 के करीब की हो चली है लेकिन वो दिखती सिर्फ 36 साल की है. मोहल्ले के सारे मर्द और जवान लौंडे माँ के ऊपर लाइन मारते है. लेकिन माँ के बारे में कभी इधर उधर की बात नहीं सुनी है क्यूंकि वो बड़ी ही सीधी औरत है.

अब दोस्तों कहानी पे आते है. मेरी माँ एकदम प्यारी और सीधी औरत है जैसे की मैंने आप को बोला. कभी भी वो बदन को दिखाने वाले यानि की एक्स्पोस करनेवाले कपडे नहीं पहनती है. और उसकी सोच भी सीधी ही है. मैंने अपने माँ के बारे में कभी भी कुछ गलत नहीं सोचा था लेकिन जब मैंने माँ को चोदने की कहानियाँ पढ़ी इस साईट के ऊपर तो मेरा दिल भी डगमग होने लगा था. और फिर मैं दिन बदिन अपनी माँ की तरफ आकर्षित सा होने लगा था. यूँ कहें की माँ के सीधेपन की वजह से ये आकर्षण और भी घना होने लगा था. और मेरे को जब भी मौका मिलता था मैं उसकी गांड और बड़े बूब्स को देखता था. फिर मेरी माँ जब अपने कपडे बहार सूखने के लिए टांगती तो उसकी ब्रा और पेंटी को चुरा के मैं उसके अंदर अपने लंड को घिस के आनंद ले लेता था. और मैं अब तो माँ की तरफ दिन बदिन ज्यादा ही आकर्षित होने लगा था. लेकिन मैं ये भी जानता था की माँ इस सब के लिए कभी भी राजी नहीं होगी. तो मैंने उसको अपने सामने कम कपड़ो में आने को मजबुर किया ताकि मैं उसके असली बदन को तो देख सकूँ. एक बार एक पार्टी में जाने के लिए माँ रेडी हो रह थी और वो साडी ले के कमरे में आई और मेरे को बहार जाने को बोल कर अपना ब्लाउज ढूंढने लगी. इसी बिच में मैं उसकी साडी अपने साथ ले के बहार आ गया. और मैंने माँ की साडी को दुसरे कमरे में रख दिया. थोड़ी देर बाद उसने मेरे को बुलाया लेकिन मैंने जवाब नहीं दिया. उसने एक दो बार और मेरे को आवाज दी लेकिन मैं जानबूझ के चुपचाप ही खड़ा रहा. फिर थोड़ी देर में वो दरवाजा खोल के बहार आ गई. और उसने मेरे को पूछा की तुम मेरे को जवाब क्यूँ नहीं दे रहे थे? तो मैंने कहा की मैं कूलर के पास बैठा था तो आप की आवाज ही नहीं सुनाई पड़ी.

वो पेटीकोट और ब्लाऊज पहन कर बहार आई थी. और अपने बोबे के ऊपर उसने तोवेल रखा हुआ था अपने क्लीवेज को मेरे से छिपाने के लिए. वो अब दुसरे कमरे में जा के अपनी साडी उठाने के लिए निचे झुकी तो मेरी नजर सीधे ही उसकी बड़ी गांड पर जा पड़ी. दोस्तों ऐसा लगा की कोई पोर्नस्टार भी इस गांड के सामने फ़ैल हो जाए इस बड़ी गांड के आगे तो! पेटीकोट से उसके कट एकदम साफ़ दिखाई दे रहे थे. और फिर जैसे ही माँ पलटी उसके हाथ से तोवेल भी गिर गया निचे और एक और नजारा मिला देखने को. उसके बड़े 34D साइज़ के बूब्स! मन तो किया की अभी जा के उन्हें चूस के दूध पी लूँ उनका! माँ का क्लीवेज भी इतना तगड़ा था की मेरा लंड फट से उसे देख के तन गया. जैसे ही वो कमरे में वापस गई मैं बाथरूम में घुस गया. और 2 बार माँ के नंगे बदन की कल्पना कर के मुठ मार ली. उस दिन पार्टी में मैं अपनी माँ के सेक्सी बदन को ही ताड़ता रह गया. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

और फिर तो ऐसे कई किस्से हुए की जब मैंने उसे अपने सामने कम कपड़ो में आने पर मजबूर कर दिया. लेकिन अब उतना सब देखने के बाद मेरा लंड माँ की चूत के लिए तरस रहा था. अब जो मेरे को पता करना था वो ये था की क्या वो भी मेरे साथ सेक्स चाहती थी? क्यूंकि मैं ये भी जानता था की उसको काफी समय से चूत में लंड की गर्माहट नहीं मिली थी. क्यूंकि पापा रात में लेट ही आते थे और माँ उनके आने से पहले ही सो जाती थी. उन दोनों का सेक्स जीवन नीरस हो चूका था. एक बार मैं और माँ बस से जा रहे थे. रात का वक्त था और बस के अंदर बहुत ही भीड़ भी थी. उस भीड़ के अंदर मेरी माँ पीछे रह गई और मैं आगे खड़ा हुआ था. थोड़ी देर के आड़ मैंने देखा की माँ के पीछे खड़ा हुआ आदमी माँ के काफी करीब आ चूका था. फिर मैंने ध्यान से देखा तो जैसे जैसे बस झटके खा रही थी तो वो आदमी अपना लंड मेरी माँ की गांड के ऊपर घिस रहा था और उसका लंड एकदम टाईट हो चूका था गांड पर घिसने की वजह से. फिर मैंने माँ की तरफ देखा. उसके चहरे से साफ़ दिख रहा था की उसको इस बात का पूरा अहसास था की कोई पीछे उसकी गांड पर लंड को घिस रहा था. लेकिन वो कोई रिएकशन नहीं दे रही थी. मैंने देखा की माँ के पास आगे खिसकने के लिए थोड़ी जगह थी लेकिन शायद उसे गांड पर लंड का मज़ा आ रहा था इसलिए वो वही पर खड़ी रही थी. माँ के चहरे के ऊपर एक अलग सकून था जैसे की कह रही हो की घिसो मेरी गांड और चूत के ऊपर अपने लंड को मैं बहुत प्यासी हूँ!

उस दिन के बाद से तो मेरी लाइन ही खुल गई थी जैसे. अब जब भी हम साथ में सोते थे तो हमेशा सोने के बाद मैं माँ के बूब्स को टच करता तो कभी उसकी गांड को टच कर लेता था. उसको जागने नहीं देता था लेकिन. और अगर कभी कभी वो हिलती तो मैं ऐसे एक्टिंग करता था की नींद में गलती से उसे टच हो गया हो. मुझे पता नहीं था की वो ये सब समझती थी या नहीं लेकिन उसने कभी मुझे कुछ भी बोला नहीं था. मैं उसकी साइड में लेट के वही मुठ भी मार लेता था कभी कभी तो. और फिर एक रात को एसी की ठंड की वजह से मैं और माँ नींद में ही बहुत करीब आ गए. मेरी आँख खुली तो देक्खा की माँ की सेक्सी गांड मेरी तरफ ही थी. तो मैंने धीरे से अपने लंड को खड़ा कर के उसकी गांड के निचे टच कर दिया. और लंड को थोडा पुश भी कर दिया. वो मेरी तरफ पलट गई और मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया मेरा लंड उसकी चूत और मेरे बिच में दबा हुआ था!

उसके बूब्स एकदम मेरी छाती से चिपक गए थे और वो कस के मेरे को गले लगा रही थी. मानो की जैसे उसको अपना छूटा हुआ प्यार वापस मिल गया. और वो उसकी पूरी सिद्दत से जताना चाहती थी. मैंने भी इसका फायदा उठा के उसको और तेज दबा लिया और अपनी तरफ उसकी गांड को दबाई. माँ की चूत की गर्मी मेरे लंड को जैसे पागल सा कर रही थी. तो मैंने धीरे धीरे कर के अपन लंड हिलाना चालू किया. फिर अचानक से पता नहीं क्या हुआ उसकी नींद खुल गई और वो अलग हो गई मेरे से. और मैंने भी ऐसे एक्ट किया की मैं नींद में ही हूँ. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

फिर अगले दिन कुछ अलग सा माहोल रहा मेरे और उसके बिच. उस बारे में कुछ बात नहीं हुई पर मैं वो टेंशन को फिल कर रहा था. एक दो दिन तक माहोल शांत रहा और तीसरे दिन जब हम दोनों सो गए तो अचानक से बिच रात में मुझे लगा की मेरे ऊपर किसी का पैर है. और वो पैर धीरे धीरे मेरे ऊपर निचे हो रहा था. मैंने आँख खोली तो देखा की माँ मेरे बगल में ही जागी हुई है. मैंने उनसे पूछा क्या हुआ आप सोये नहीं तो वो बोली क्यूँ अब हमेशा मुझे सोने के बाद ही टच करेगा ऐसे नहीं टच कर सकते क्या? मैं तब शांत था तो माँ ने कहा देख राहुल तेरे पापा कभी आते है कभी नहीं आते है. रात रात भर काम होता है इस चक्कर में मेरी तो प्यासी ही रह जाती है. और इसकी वजह भी तू ही हा तेरे होने के बाद से ही ऐसा हुआ तो अब इसकी सजा भी तेरे को ही मिलेगी और तेरे को ही मेरी प्यास को शांत करना पड़ेगा!

और जैसे ही माँ ने ये सब बोला तो मैंने उसके होंठो को चूम लिया और एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा. करीब 15 मिनिट तक हम एक दुसरे की आँखों में आँखे डाल कर स्मूच करते रहे. और मैं उसके बूब्स को भी दबाता रहा. फिर उसने मेरे शॉर्ट्स को फाड़ दिया तो मैंने भी उसका सूट बूब्स के पास से पकड़ा और उसे फाड़ दिया. और फिर स्मूच करते करते मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी. और पहली बार मैंने मेरी माँ के बूब्स देखे, पुरे के पुरे! और वो निपल्स इतने प्यारे और गोरे थे और उसके ऊपर मस्त निपल्स भी. फिर मैंने उसके बूब्स को चुसे और उनको बहुत मजा आया. वो बोल रही थी पी ले अपनी माँ के बोबे से दूध, चूस डाल बहुत दूध भरा हुआ है अंदर. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह चूस मादरचोद चूस. और अपनी माँ के मुहं से ऐसी भाषा सुन के मेरे में और भी जोश आ गया. जिसको मैं एकदम सीधी सादी समझता था वो तो सेक्स की देवी निकली!

फिर हम खड़े हुए. वो धीरे से अपना मुहं मेरे पास ला के मेरे को बोली आज अपनी माँ को रंडी बना दे बेटा! ये सुनते ही मैं पागल हो गया और उसकी पेंटी को फाड़ दी और उसे उसकी ही पेंटी चटवाई. और फिर मैंने देखी अपनी माँ की चूत. चूत काफी दिनों के बंद रहने की वजह से एकदम टाईट लग रही थी और हलके हलके बाल थे उसके ऊपर. मैंने उसको घसीटा और उसकी चूत को चाटना चालू कर दिया. काफी देर चूत को चाटने के बाद वो बोली मेरे को अपना लंड नहीं दिखाओगे बेटा? मैंने उसके मुहं पर एक थप्पड़ मारा और बोला तू मेरी रंडी है और मैं तेरे को  कहूँगा वो तू करेंगी. माँ को ये चीज बहुत ही पसंद आई और उसने मेरा सर पकड के अपनी चूत में वापस घुसेड के टांगो से दबा दिया. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम 

फिर थोड़ी देर बाद उसने मेरा अंडरवियर उतारा तो मेरा 7 इंच का लंड आलरेडी तना हुआ था. इतना बड़ा लोडा देख के वो पागल सी हो गई. और मेरे लंड के ऊपर ऐसे टूट पड़ी जैसे वो कोई भूखी कुतिया हो. और आज उसे बहुत दिनों के बाद खाने को मिला हो.

और फिर उसने मेरे लंड को एक बड़ा ही मस्त ब्लोव्जोब दिया. माँ ने लंड को चूस चूस के पूरा लाल कर दिया. और फिर मैंने उसकी चूत को खोल के अपने लंड को अंदर कर दिया. माँ की चूत सच में बड़ी ही टाईट थी. जिसे चोदने का अलग ही मज़ा था.

मैंने माँ की चुदाई करीब 10 मिनिट की और उसके अन्दर ही पानी छोड़ दिया. वो बड़ी खुश थी मेरे बड़े लंड से चुदवा के. माँ ने बोला आज के बाद हम कपडे नहीं पहनेंगे सोने के वक्त!!!

 


Online porn video at mobile phone


porn sex kahanisister ki chudai in hindiantrawsanasexy storubiwi ki chudai dekhididi ki chudai dekhimaa ki chudai bus mesex indian story in hindichhote bhai ne chodamausi chudai kahanisasur bahu ki chudai storyantervisnawww sex story comsexy story sistersuhagrat chudai kahaniarti ki chootmuslim ladki ko chodaanterwashana comaantervasna combua ki chudai dekhibhabhi ki janghbiwi ki chudai dekhisexy stories in hindi latestrajjo ki chudaichut ka bhosda banayateacher ki chut ki kahanidada ne poti ko chodabete ne maa ki chudai ki kahanichachi ko choda hindi kahanimaa ne chudwayachut se khun nikalafamily sex story hindimaa ki malishbhabhi ko kitchen me chodahindi porn khaniyapoti ki chudaiantrawsananani ki chudaividhwa bhabhiladke ki gand marihindi font chudai kahaniaunty ko pata ke chodachudakkad auntytuition teacher ko chodamausi ki chudai storyjija sali chudai ki kahaniyabiwi ko chudwayadidi ki saheli ki chudaisuhagraat chudai kahanichudakad biwibadi bahan ko chodachut se khun nikalaholi chudai kahanisaas ki chudai ki kahanibhai behan chudai story in hindiincest hindi sex storiesbahan ki malishporn kahaniyaholi sex kahanitrain me chudai story hindifree sexy storiesmosi ki ladki ko chodabhabhi ko car me chodawww hindi sex storis comantervisnateacher ki chudai ki kahanibahan ki chudai new storysaas aur damad ki chudaisaas aur jamai ki chudaimajdur ki chudaihindisexkahanichudai ki kahani in hindi fontdost ne maa ko chodatrain me aunty ki chudaimami sexy storychudai ki rochak kahaniyassex story in hindi